32 सालों में क्या दिखेगा परिवर्तन?
जलवायु परिवर्तन से भारत के जीवन स्तर में तेजी से गिरावट दर्ज हो रही है। इसी सन्दर्भ में विश्व बैंक की एक रिपोर्ट यह बताती है कि समूचे दक्षिण एशिया और भारत के मध्य,उत्तर, और उत्तर पश्चिम राज्यो पर जीवन स्तर और सामाजिक, आर्थिक, रूप से क्षति पहुच सकती है।इसकी चपेट में आने वाले दस सबसे प्रभावित जिलो में महाराष्ट्र के 7, छत्तीसगढ़ के 2, मध्यप्रदेश का होशंगाबाद होगा । यह सभी जिले अगले 32 सालो में देश के सबसे गर्म स्थान होंगे। विश्व बैंक ने भारत सहित दक्षिण एशिया के देशों को इसे लेकर उस समय सतर्क किया है, जब अकेले भारत के तापमान में सालाना डेढ़ से दो डिग्री तक की बढ़ोतरी हो रही है।
आर्थिक हानि की दृष्टि से ।
विश्व बैंक के मुताबिक वर्ष 2050 तक यह गिरावट अधिकतम 10 फीसद तक हो सकती है। इसकी चपेट में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ , राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले राज्य होंगे। इसके चलते कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ का कहर होगा, जिससे जनजीवन के प्रभावित होने की आशंका है।इस बदलाव का असर भारत की जीडीपी पर पड़ेगा , जिसमें औसतन 2.8 फीसद तक की गिरावट दर्ज हो सकती है । इससे भारत का सामाजिक आर्थिक ताना-बाना भी प्रभावित होगा इसके चलते देश को सूखे या पलायन जैसी स्थितियों का भी सामना करना
क्या है
1.रिपोर्ट के मुताबिक, इसका असर देश की करीब 60 करोड़ आबादी पर पड़ेगा। वही इसकी सबसे ज्यादा मार कृषि क्षेत्र पर पड़ेगी , जिसकी उत्पादकता में काफी गिरावट आ सकती है। स्वास्थ्य पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।2. वर्ष 2015 के पेरिस समझौते में भी इस बात पर चिंता जताई जा चुकी है । ऐसे में यदि इन बदलावों से बचाव के उपाय नहीं किए गए तो तापमान का यह स्तर 2050 तक आते-आते डेढ़ से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है
3. रिपोर्ट के मुताबिक इन बदलावों के चलते सबसे ज्यादा गिरावट जिन राज्यों के जीवन स्तर पर पड़ेगा , उन्हें छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा 10 फीसद, मध्य प्रदेश में 9.1 फीसद, राजस्थान में 6.4 फीसद, उत्तर प्रदेश में 4.9 फीसद, महाराष्ट्र में 4.6 फीसद, झारखंड में 4.6 फीसद, हरियाणा में 4.3 फीसद, आंध्र प्रदेश में 3.4 फीसद , पंजाब में 3.3 फीसद और चंडीगढ़ में 3.3 फीसद रहेगा।
4. इसकी चपेट में आने वाले 10 सबसे प्रभावित जिलों में महाराष्ट्र के 7 छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव व दुर्ग और मध्य प्रदेश का होशंगाबाद होगा । यह सभी जिले अगले 32 सालों में देश के सबसे गर्म स्थान होंगे । विश्व बैंक ने भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों को इसे लेकर उस समय सतर्क किया है, जब अकेले भारत के तापमान में सालाना डेढ़ से 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो रही है।
लेखक- महेंद्र सिंह



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